Wednesday, November 19, 2008

णमोकार मन्त्र

णमोकार मन्त्र किसी जाती विशेष या समुदाय का मन्त्र नहीं है यह बहुजन हिताय ,बहुजन सुखाय है इसमें कोई
ऐसी बात नहीं हैजो किसी व्यक्ति या समुदाय विशेष के हित में हो =प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह किसी भी मजहब से सम्बन्ध रखता हो इसका जाप -पाठ करके लाभान्वित हो सकता है /अरिहंताणाम अर्थात हम उनको नमस्कार कर रहे है जिन्होंने अपने शत्रुओं का नाश कर दिया है आप जानते हैं की मनुष्य के शत्रु काम क्रोध लोभ मद ,अंहकार है इनके नाश करने या इन पर वियज प्राप्त करने वाला पूजनीय है ही हम इनको नमस्कार करते है तो ये किसी सम्प्रदाय से ताल्लुक नहीं रखता है

3 comments:

BrijmohanShrivastava said...

aapka prayass bahut achchaa hai isee prakar likhte rahen

सतीश सक्सेना said...

आपका स्वागत है !
PS: pleae remove word verification.

अनुपम अग्रवाल said...

मानव मात्र के भले से प्रेरित हो कर आपने इस मंत्र का अभिप्राय प्रकाशित किया है .
यह एक अच्छा प्रयास है .इसे जारी रखें.
कहीं कहीं मात्राओं की भूल सुधार लेंगे तो और भी अच्छा लगेगा .